बनबसा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में रविवार को चंपावत के बनबसा स्थित एनएचपीसी में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में राज्यहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। कैबिनेट ने वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया को तेज करने के लिए वन संरक्षण कार्यालय में परियोजना प्रबंधन इकाई (पीएमयू) गठित करने और छह पद स्वीकृत करने का निर्णय लिया।
कैबिनेट ने वर्ग-3 और वर्ग-4 की भूमि के पट्टेदारों व कब्जाधारकों को भूमिधरी अधिकार देने से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दी। नैनीताल के लालकुआं में संबंधित लोगों को संक्रमणीय भूमिधर अधिकार देने तथा जौनसार-बावर में वर्ग-4 भूमि के विनियमितीकरण का रास्ता भी साफ किया गया। इसके लिए 2004 के सर्किल रेट को एक वर्ष तक आधार बनाया जाएगा।
पंतनगर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के विस्तार के लिए उत्तराखंड सीड्स एंड तराई डेवलपमेंट कॉरपोरेशन को 66.29 करोड़ रुपये की अवशेष धनराशि जारी करने को भी मंजूरी दी गई। वहीं संपत्ति की खरीद-बिक्री में इस्तेमाल होने वाले PAN की अनिवार्य सत्यापन व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया गया है।
राज्य की वित्तीय व्यवस्था को लेकर भी बड़ा निर्णय हुआ। 2026-27 से 2030-31 तक वार्षिक राजकोषीय घाटे की सीमा जीएसडीपी के तीन प्रतिशत और संचयी ऋण की अधिकतम सीमा 30 प्रतिशत तय की गई है।
वन विभाग में विभागाध्यक्ष की व्यवस्था में बदलाव करते हुए कुमाऊं और गढ़वाल के मुख्य वन संरक्षकों को विभागाध्यक्ष बनाया जाएगा। इससे वनाग्नि, बाढ़, आपदा और मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसी घटनाओं में त्वरित कार्रवाई का दावा किया गया है।
इसके अलावा छठवें राज्य वित्त आयोग की रिपोर्ट विधानसभा में रखने, कर्मचारियों की संपत्ति संबंधी आचरण नियमों में संशोधन तथा समूह-ग के कुछ पदों पर साक्षात्कार व्यवस्था में बदलाव को मंजूरी दी गई। उप कारापाल पद पर शारीरिक दक्षता और लिखित परीक्षा होने के कारण साक्षात्कार समाप्त किया जाएगा।










