चमोली/माणा। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को भारत के प्रथम सीमांत गांव माणा का भ्रमण कर विकास कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने माणा को उत्तराखंड का प्रथम शत-प्रतिशत “लखपति दीदी” गांव घोषित करते हुए इसे आत्मनिर्भरता का उत्कृष्ट मॉडल बताया। मुख्यमंत्री ने गांव की सभी 82 महिलाओं से मुलाकात की, जो स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ऊनी वस्त्र, हस्तशिल्प और स्थानीय खाद्य उत्पादों के जरिए अपनी आजीविका को सशक्त कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘वाइब्रेंट विलेज’ योजना से सीमांत गांवों की तस्वीर बदल रही है। जो गांव कभी ‘अंतिम’ माने जाते थे, वे अब ‘प्रथम गांव’ के रूप में विकास की नई इबारत लिख रहे हैं। माणा के 12 स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी सभी महिलाएं आज ‘लखपति दीदी’ के रूप में स्थापित हो चुकी हैं, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रियों से स्थानीय उत्पादों की खरीदारी करने और यात्रा को प्लास्टिक मुक्त व स्वच्छ बनाने की भावुक अपील की। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। मुख्यमंत्री का स्वागत महिलाओं ने पारंपरिक मांगलगीत गाकर किया, जिसके लिए उन्होंने आभार व्यक्त किया।









