ऋषिकेश। आगामी चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है। अब तक नि:शुल्क रहने वाली ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया के लिए अब यात्रियों को शुल्क चुकाना होगा। प्रशासन ने यह कदम यात्रा व्यवस्थाओं को अधिक पारदर्शी बनाने और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए उठाया है।
शुल्क निर्धारण के लिए कमेटी गठित
पंजीकरण शुल्क की राशि कितनी होगी, यह तय करने के लिए अपर आयुक्त की अध्यक्षता में एक विशेष कमेटी का गठन किया गया है। ट्रांजिट कैंप में सोमवार को हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने होटल एसोसिएशन, टूर एंड ट्रेवल्स यूनियन और अन्य संचालकों के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की। कमेटी की रिपोर्ट मिलते ही अगले एक-दो दिन में शुल्क की दरों पर अंतिम निर्णय ले लिया जाएगा और इसी सप्ताह पंजीकरण प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
फर्जी पंजीकरणों पर लगेगी लगाम
इस फैसले के पीछे का मुख्य कारण होटल संचालकों की शिकायतें हैं। अक्सर कई लोग भारी संख्या में ऑनलाइन पंजीकरण तो करा लेते हैं, लेकिन यात्रा पर नहीं आते। इस कारण होटलों में कमरे बुक दिखते हैं और वास्तविक तीर्थयात्रियों को ठहरने में परेशानी होती है। प्रशासन का मानना है कि ‘न्यूनतम शुल्क’ लागू होने से केवल गंभीर यात्री ही पंजीकरण कराएंगे, जिससे फर्जी बुकिंग पर रोक लगेगी।
अनिवार्य होगा पंजीकरण
आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि भले ही शुल्क लिया जाए, लेकिन यात्रियों की संख्या फिलहाल सीमित नहीं की जाएगी। हालांकि, सुरक्षा और प्रबंधन के लिहाज से प्रत्येक यात्री के लिए पंजीकरण अनिवार्य रहेगा।






Leave a Reply