दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे ने सफर का पूरा गणित ही बदलकर रख दिया है। अब इस एक्सप्रेस-वे से बस और कारों के यात्री हवाई जहाज और वंदे भारत जैसी हाईस्पीड ट्रेन से जाने वाले यात्रियों के मुकाबले जल्दी पहुंचने लगी हैं। एक्सप्रेस-वे के जरिए कार से सवा दो घंटे और बस से तीन घंटे में दिल्ली पहुंचा जा रहा है।
हवाई सफर सुनने में भले ही 40 मिनट का लगता हो, लेकिन देहरादून शहर से दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल से बाहर निकलने तक का कुल समय साढ़े तीन घंटे से अधिक बैठ रहा है। देहरादून शहर से जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचने में करीब 1 घंटा लगता है। एयरपोर्ट पर सुरक्षा मानकों के कारण 40 मिनट से 1 घंटा पहले चेक-इन अनिवार्य है। इसके बाद हवाई सफर में उड़ान भरने के बाद 40 मिनट का समय दिल्ली पहुंचने में लगता है। फिर दिल्ली एयरपोर्ट से सामान लेकर बाहर निकलने में करीब 30-40 मिनट का समय और लग जाता
पिछड़ गई रेलवे की वंदे भारत एक्सप्रेस:
उत्तराखंड की सबसे हाईस्पीड ट्रेन ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ भी समय के मामले में अब एक्सप्रेस-वे से पिछड़ती दिख रही है। वंदे भारत को देहरादून से दिल्ली (आनंद विहार) पहुंचने में करीब 4 घंटे 15 मिनट का समय लगता है। वहीं, दूसरी ओर एक्सप्रेस-वे के रास्ते बसें 3 घंटे और कारें महज सवा दो से ढाई घंटे में दिल्ली पहुंचा रही हैं।
सस्ता और सुलभ हुआ दिल्ली का सफर
एक्सप्रेस-वे पर सफर न केवल तेज बल्कि बेहद किफायती भी हुआ है। उदाहरण के लिए, बुधवार को हवाई जहाज का न्यूनतम किराया 3,859 रुपये रहा। जबकि वंदे भारत का 910 रुपये (चेयर कार) है। इसके मुकाबले रोडवेज की साधारण बस का किराया 300 रुपये से भी कम है और वॉल्वो बस का किराया 700 रुपये के आसपास है। साफ है कि सड़क मार्ग का सफर हवाई और रेल सफर के मुकाबले समय और पैसा दोनों बचा रहा है।














