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शिक्षा के पंख: जब डीएम बने 34 बेटियों के अभिभावक


देहरादून। किसी के पिता गंभीर बीमारी से जंग लड़ रहे हैं, तो किसी के पिता का साया सिर से उठ चुका है। फीस न भर पाने के कारण कुछ बेटियों को स्कूलों ने 15-15 दिन बाहर खड़ा रखा और परीक्षा से वंचित करने की चेतावनी दी, उनके लिए जिलाधिकारी सविन बंसल ‘मसीहा’ बनकर सामने आए। कलेक्ट्रेट में आयोजित ‘प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा’ के तहत डीएम ने 9 लाख रुपये के चेक वितरित कर इन बालिकाओं की बाधित शिक्षा को पुनर्जीवित किया।