देहरादून। प्रदेश के राशन विक्रेताओं ने रागी और नमक के वितरण में आ रही व्यवहारिक दिक्कतों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन ने खाद्य आयुक्त को पत्र सौंपकर इन वस्तुओं के आवंटन पर रोक लगाने की मांग की है। फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष रेवाधर बृजवासी ने कहा कि कार्डधारक मात्र दो किलो रागी लेने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं, क्योंकि इसकी सफाई और पिसाई में काफी कठिनाई होती है। उपभोक्ता रागी के स्थान पर चावल की मांग कर रहे हैं, जिससे विक्रेताओं के साथ विवाद की स्थिति बन रही है। इसके अतिरिक्त नमक में रेत और खराब गुणवत्ता की शिकायतों के कारण कार्डधारक इसे लेने से मना कर रहे हैं। इस कारण विक्रेताओं को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। फेडरेशन ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान परिस्थितियों में वे इन वस्तुओं का वितरण करने में असमर्थ हैं।
उत्तराखंड में नमक वितरण पर राशन विक्रेताओं ने खड़े किए हाथ











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