देहरादून शहर में दौड़ने वाली सिटी बसें 27 साल बाद नए लुक में नजर आएंगी। बस मालिकों ने पुरानी बसों को स्क्रैप करवाकर सरकारी सब्सिडी योजना के तहत नई बसें खरीदनी शुरू कर दी हैं। इस योजना के तीन आधुनिक बसों का संचालन शुरू हो चुका है, जबकि सात अन्य बसों के इसी सप्ताह सड़क पर उतरने की उम्मीद है। बीएस-6 मानक की इन बसों से न केवल यात्रियों का सफर आरामदायक होगा, बल्कि शहर में वाहन प्रदूषण के स्तर में भी कमी आएगी।
15 मार्च 2024 को हुई थी योजना की घोषणा दशक पुराने 150 सिटी बस और 500 विक्रम वाहन शहर की आबोहवा बिगाड़ने के साथ ही यात्रियों के लिए भी मुसीबत बने हुए थे। इसे देखते हुए सरकार ने ‘उत्तराखंड स्वच्छ गतिशीलता परिवर्तन नीति’ के तहत 15 मार्च 2024 को सब्सिडी योजना का ऐलान किया था। हालांकि, पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू हुई इस योजना को धरातल पर उतरने में करीब दो साल का समय लग गया।
नए लुक के साथ आधुनिक सुविधाएं
सिटी बसें 1998 से दून की सड़कों पर चल रही हैं। अभी तक पुरानी सिटी बसें नीले रंग की है, जिसमें काली पट्टी है। अब नई बसें सफेद रंग की हैं, जिसमें नीले रंग की पट्टी है। इसमें आधुनिक फायर सेफ्टी सिस्टम, पैनिक बनट, जीपीएस, सीसीटीवी कैमरे भी लगे हुए है।
क्या है सब्सिडी का गणित?
योजना के तहत पुराने वाहन को स्क्रैप कराकर नया सीएनजी या बीएस-6 मानक का वाहन खरीदने पर सरकार 50 प्रतिशत की सब्सिडी दे रही है। बस पर अधिकतम 15 लाख रुपये तक और विक्रम पर अधिकतम 3.5 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है।
सब्सिडी योजना के तहत कुछ बसें सड़क पर उतर चुकी है और सात नई बसें खरीदी जा चुकी हैं। अब तक कुल 15 आवेदन प्राप्त हुए हैं। वाहन स्वामी इस योजना में काफी दिलचस्पी दिखा रहे हैं।”
- संदीप सैनी, आरटीओ (प्रशासन), देहरादून
कुछ बस मालिकों ने नई बसें खरीद ली हैं, लेकिन योजना में अभी कुछ कमियां हैं। सुधार के लिए परिवहन मुख्यालय को पत्र लिखा जा रहा है। यदि ये कमियां दूर होती हैं, तो अन्य मालिक भी तेजी से आगे आएंगे।
- विजय वर्धन डंडरियाल, अध्यक्ष, सिटी बस सेवा सोसाइटी












